मथुरा में ईद के दिन हुई एक घटना ने पूरे उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। गोरक्षक के रूप में पहचाने जाने वाले बाबा चंद्रशेखर महाराज, जिन्हें लोग ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से जानते थे, की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद उनका नाम तेजी से चर्चा में आ गया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है-आखिर कौन थे ये ‘फरसा वाले बाबा’?
गौ-रक्षा के लिए समर्पित जीवन
बाबा चंद्रशेखर महाराज ब्रज क्षेत्र में गौ-सेवा और गौ-रक्षा के लिए जाने जाते थे। वे लंबे समय से कथित गो-तस्करी के खिलाफ सक्रिय थे और अपनी टीम के साथ लगातार ऐसे मामलों में हस्तक्षेप करते रहते थे। स्थानीय लोगों के बीच उनकी छवि एक निडर और मुखर गोरक्षक की थी, जो किसी भी परिस्थिति में पीछे नहीं हटते थे।
‘फरसा वाले बाबा’ नाम कैसे पड़ा?
चंद्रशेखर महाराज को ‘फरसा वाले बाबा’ इसलिए कहा जाता था क्योंकि वे अक्सर अपने साथ फरसा (एक प्रकार का पारंपरिक हथियार) रखते थे। यही उनकी पहचान बन गई थी और लोग उन्हें इसी नाम से जानने लगे। उनके समर्थकों के अनुसार, यह फरसा उनके लिए प्रतीक था-गौ-रक्षा और अन्याय के खिलाफ खड़े होने का।
घटना वाले दिन क्या हुआ?
बताया जा रहा है कि ईद के दिन तड़के बाबा चंद्रशेखर अपनी टीम के साथ हाईवे पर सक्रिय थे। उन्हें सूचना मिली थी कि कुछ वाहन गोवंश को लेकर जा रहे हैं। इसी दौरान वे एक कंटेनर का पीछा कर रहे थे, जब मथुरा के छाता क्षेत्र के पास उन्हें वाहन से कुचल दिया गया। उनके समर्थकों का आरोप है कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या है।
मौत के बाद बढ़ा आक्रोश
बाबा की मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में गोरक्षक और स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए। दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-19) पर जाम लगा दिया गया और प्रदर्शन शुरू हो गया। कई जगहों पर पुलिस के साथ झड़प और पथराव की भी घटनाएं सामने आईं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाए।
ब्रज क्षेत्र में गहरी पकड़
‘फरसा वाले बाबा’ केवल एक गोरक्षक ही नहीं, बल्कि ब्रज क्षेत्र में एक प्रभावशाली व्यक्तित्व भी माने जाते थे। उनकी गोशाला और सामाजिक गतिविधियों के कारण बड़ी संख्या में लोग उनसे जुड़े हुए थे। उनकी मौत ने समर्थकों के बीच शोक और आक्रोश दोनों पैदा कर दिया है।
प्रशासन सतर्क, जांच जारी
घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। एक संदिग्ध को हिरासत में लेने की बात भी सामने आई है। वहीं, इलाके में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।
फिलहाल ‘फरसा वाले बाबा’ की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं-क्या यह दुर्घटना थी या साजिश? इसका जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा, लेकिन इतना तय है कि इस घटना ने ब्रज क्षेत्र की सामाजिक और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर चर्चा छेड़ दी है।




