मध्य प्रदेश के इंदौर में बुधवार तड़के एक भीषण आग ने तीन मंजिला मकान को अपनी चपेट में ले लिया, जिसमें एक ही परिवार के कम से कम सात लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि आग इलेक्ट्रिक वाहन (EV) के चार्जिंग प्वाइंट से लगी और बाद में कई LPG सिलेंडरों के धमाकों ने इसे और भयानक बना दिया।
यह हादसा शहर के बंगाली स्क्वायर के पास बृजेश्वरी एनेक्स इलाके में सुबह करीब 4 बजे हुआ। आग इतनी तेजी से फैली कि घर के अंदर मौजूद लोग बाहर निकलने का मौका ही नहीं पा सके।
इंदौर पुलिस आयुक्त संतोष सिंह के मुताबिक, शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि घर के बाहर खड़े एक इलेक्ट्रिक वाहन के पास हुए विस्फोट से आग भड़की। इसके बाद आग घर के अंदर फैल गई, जहां करीब 10 LPG सिलेंडर रखे होने की बात सामने आई है। इनमें से कई सिलेंडर 4 बजे से 4:30 बजे के बीच एक के बाद एक फटते रहे, जिससे आग और भी विकराल हो गई और बचाव कार्य में भारी दिक्कतें आईं।
अधिकारियों को यह भी संदेह है कि घर में लगे इलेक्ट्रॉनिक लॉक सिस्टम हादसे के दौरान जानलेवा साबित हुए। माना जा रहा है कि बिजली गुल होने के कारण ये लॉक खुल नहीं पाए, जिससे लोग अंदर ही फंस गए।
पुलिस आयुक्त ने बताया, “ऐसा प्रतीत होता है कि इलेक्ट्रॉनिक लॉक नहीं खुलने के कारण लोग बाहर नहीं निकल सके और धुएं व गर्मी के बीच घर के अंदर ही फंस गए।”
दमकल की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं, लेकिन घना धुआं और लगातार हो रहे धमाकों के कारण घर में प्रवेश करना बेहद मुश्किल था। बाद में बचाव दल ने पास के एक मकान के जरिए अंदर पहुंचकर शुरुआती चरण में तीन लोगों को बाहर निकाला। हालांकि, कई लोग खासकर बेडरूम में लंबे समय तक फंसे रहे।
छह लोगों को बेहोशी की हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, मौत का मुख्य कारण दम घुटना (स्मोक इनहेलेशन) रहा। मृतकों की पहचान विजय सेठिया (65), सुमन (60), मनोज पुगालिया (65), सिमरन (30), टीनू (35), छोटू सेठिया (22) और 12 वर्षीय राशि सेठिया के रूप में हुई है।
घायलों-सौरभ पुगालिया, आशीष और हर्षित पुगालिया-का इलाज जारी है।
यह मकान पॉलिमर कारोबारी मनोज पुगालिया का बताया जा रहा है। जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि क्या घर में रखे अन्य ज्वलनशील पदार्थों ने आग के तेजी से फैलने में भूमिका निभाई। इमारत की दूसरी मंजिल को भारी नुकसान पहुंचा है और कुछ हिस्सों को असुरक्षित घोषित किया गया है।
राज्य के शहरी विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मौके का दौरा कर घटना को बेहद चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा, “EV चार्जिंग के दौरान आग लगना गंभीर चिंता का विषय है। हमने विशेषज्ञ समिति बनाकर विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।”
उन्होंने यह भी कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग के बीच यह घटना एक चेतावनी के रूप में देखी जानी चाहिए और EV चार्जिंग के लिए एक सुरक्षित मानक प्रक्रिया (SOP) तैयार की जाएगी।




