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NIA ने अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक को किया गिरफ्तार, एंटी-इंडिया लिंक का आरोप

आतंकी साजिश, ट्रेनिंग और ड्रोन सप्लाई से जुड़े मामले में कार्रवाई, 6 यूक्रेनी नागरिक भी हिरासत में

NIA ने अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक को किया गिरफ्तार, एंटी-इंडिया लिंक का आरोप | Matthew VanDyke

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 13 मार्च को अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरन वैनडाइक को छह यूक्रेनी नागरिकों के साथ गिरफ्तार किया है। एजेंसी के मुताबिक, सभी लोग टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे, लेकिन अवैध रूप से एंटी-इंडिया उग्रवादी समूहों के संपर्क में काम कर रहे थे।

गिरफ्तार यूक्रेनी नागरिकों की पहचान हुरबा पेट्रो, स्लिविएक तारास, इवान सुकमानोवस्की, स्टेफनिव मारियन, होनचारुक मक्सिम और कामिंस्की विक्टर के रूप में हुई है।

कौन हैं मैथ्यू वैनडाइक?

मैथ्यू वैनडाइक अमेरिका के मैरीलैंड राज्य के बाल्टीमोर के रहने वाले हैं। उनकी वेबसाइट के अनुसार, वह सैनिक, अंतरराष्ट्रीय कारोबारी, युद्ध संवाददाता और कॉलमिस्ट के रूप में काम कर चुके हैं।

साल 2009 में उन्होंने द बाल्टीमोर एग्जामिनर के लिए इराक में अमेरिकी सेना के साथ बतौर वॉर कॉरेस्पॉन्डेंट काम किया था। वह खुद को लीबिया क्रांति का वेटरन बताते हैं और दावा करते हैं कि वहां युद्धबंदी भी रहे। बाद में उन्होंने Sons of Liberty International (SOLI) नाम की एक मिलिट्री कॉन्ट्रैक्टिंग कंपनी शुरू की, जो कथित तौर पर सुरक्षा और सैन्य प्रशिक्षण देती है।

क्या है मामला?

कोर्ट दस्तावेजों के मुताबिक, NIA ने इनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), 1967 की धारा 18 के तहत मामला दर्ज किया है। यह धारा आतंकी साजिश, समर्थन, उकसावे और सहायता से संबंधित है।

दिल्ली की एक अदालत ने सभी सात आरोपियों को 27 मार्च तक NIA की हिरासत में भेज दिया है। एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि वह आठ अन्य यूक्रेनी नागरिकों की भी तलाश कर रही है।

NIA के अनुसार, सभी आरोपी अलग-अलग तारीखों पर भारत आए, गुवाहाटी पहुंचे और फिर बिना जरूरी अनुमति (RAP/PAP) के मिजोरम होते हुए अवैध रूप से म्यांमार में दाखिल हुए। वहां उन्होंने म्यांमार के सशस्त्र समूहों को ड्रोन वॉरफेयर, ड्रोन ऑपरेशन, असेंबली और जैमिंग तकनीक की ट्रेनिंग दी।

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने इन समूहों को एक से अधिक बार ट्रेनिंग दी है। एजेंसी ने यह भी कहा कि वे यूरोप से बड़ी मात्रा में ड्रोन अवैध रूप से म्यांमार पहुंचाने में शामिल थे।

NIA के एक अधिकारी के मुताबिक, जिन सशस्त्र समूहों को ट्रेनिंग दी जा रही थी, उनके भारत में सक्रिय प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों से संबंध हैं, जो देश की सुरक्षा के लिए खतरा हैं।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

भारत में अमेरिकी दूतावास ने कहा है कि उसे मामले की जानकारी है, लेकिन गोपनीयता नियमों के चलते वह अधिक जानकारी साझा नहीं कर सकता।

वहीं, यूक्रेन ने भी इस मुद्दे को भारत सरकार के सामने उठाया है। भारत में यूक्रेन के राजदूत ओलेक्जेंडर पोलिशचुक ने विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात कर यूक्रेनी नागरिकों की रिहाई और कांसुलर एक्सेस की मांग की है।

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