केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि विवादित बॉलीवुड गाना ‘सरके चुनर’ पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता “उचित सीमाओं” के भीतर ही होनी चाहिए, जो समाज और संस्कृति का सम्मान करती हों।
लोकसभा में बोलते हुए वैष्णव ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पूर्ण नहीं हो सकती। उन्होंने कहा, “इस गाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। हमें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के तहत उचित प्रतिबंधों का पालन करना चाहिए। यह पूर्ण स्वतंत्रता नहीं है, इसे समाज और संस्कृति के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।”
यह मुद्दा समाजवादी पार्टी के सांसद आनंद भदौरिया ने लोकसभा में उठाया था, जिन्होंने सरकार से इस विवादित गाने को लेकर स्पष्टीकरण मांगा।
नोरा फतेही और संजय दत्त पर फिल्माया गया यह गाना कन्नड़ फिल्म KD: द डेविल का हिस्सा है। गाना ऑनलाइन रिलीज होते ही विवादों में घिर गया, जहां कई लोगों ने इसके बोलों को अश्लील और विजुअल्स को भड़काऊ बताया।
इस गाने का हिंदी वर्जन हाल ही में यूट्यूब पर अपलोड किया गया था, जिसे बढ़ते विरोध के बाद हटा दिया गया। हालांकि, कन्नड़, मलयालम, तेलुगु और तमिल भाषाओं में इसके वर्जन अभी भी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं।
यह फिल्म 30 अप्रैल को रिलीज होने वाली है और इसे कई भाषाओं में डब किया जाएगा।
गाने के मूल बोल फिल्म के निर्देशक प्रेम ने कन्नड़ में लिखे थे। हिंदी वर्जन के लिए क्रेडिटेड गीतकार रकीब आलम ने विवाद से खुद को अलग करते हुए कहा कि उन्होंने केवल अनुवाद किया है।
आलम ने कहा, “ये बोल मैंने नहीं लिखे हैं। इन्हें निर्देशक प्रेम ने कन्नड़ में लिखा था। जब मुझसे ऐसा गाना लिखने को कहा गया तो मैंने मना कर दिया था, क्योंकि ऐसे गाने सेंसर हो जाते हैं। बाद में मुझसे सिर्फ अनुवाद करवाया गया।”
इस गाने को लेकर कई सार्वजनिक हस्तियों और नेताओं ने भी आलोचना की है। बीजेपी सांसद रवि किशन ने कहा कि सांस्कृतिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाने वाली अश्लील सामग्री को बढ़ावा नहीं देना चाहिए। वहीं अभिनेत्री और राजनेता कंगना रनौत ने बॉलीवुड पर “अश्लीलता की सारी सीमाएं पार करने” का आरोप लगाते हुए सख्त नियमों की मांग की।
गायक अरमान मलिक ने भी सोशल मीडिया पर गाने के बोलों की आलोचना करते हुए कहा कि कमर्शियल सॉन्ग राइटिंग “नए निम्न स्तर” पर पहुंच गई है।
यह मामला कानूनी मंच तक भी पहुंच चुका है। अधिवक्ता विनीत जिंदल ने गाने के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए त्वरित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि गाने में “अत्यधिक अश्लील और यौन संकेत देने वाली अभिव्यक्तियां” हैं, जो सार्वजनिक मर्यादा को ठेस पहुंचाती हैं।
वहीं, रकीब आलम ने बताया कि फिल्म की टीम ने उनसे “साफ-सुथरे बोलों” के साथ नया वर्जन लिखने को कहा है, जिसे विवाद के बाद माफी के साथ जारी किया जा सकता है।




