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Navodaya Result 2026 Class 6: कक्षा 6 में प्रवेश के लिए आयोजित की गई जेएनवीएसटी परीक्षा में जिन छात्रों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी वह नवोदय विद्यालय समिति (NVS) की आधिकारिक वेबसाइट navodaya.gov.in पर जाकर रिजल्ट चेक कर सकते हैं।
Navodaya Result 2026 Class 6 navodaya.gov.in: जवाहर नवोदय विद्यालय (JNVST) की कक्षा 6 में प्रवेश के लिए आयोजित हुई चयन परीक्षा (JNVST) 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया गया है। नवोदय विद्यालय समिति की ओर से 13 दिसंबर 2025 को आयोजित की गई जवाहर नवोदय विद्यालय सिलेक्शन टेस्ट फेज-1 परीक्षा में जो स्टूडेंट उपस्थित हुए थे…

BSEB Bihar Board 12th Result 2026: पिछले वर्ष आज 25 मार्च के दिन ही कक्षा 12वीं इंटर का रिजल्ट 2025 जारी किया गया था। बीएसईबी जल्द ही बिहार 12वीं रिजल्ट 2025 घोषित कर सकता है। अगर आप पास लैपटॉप या कम्प्यूटर नहीं है तो आप अपने स्मार्ट फोन से भी रिजल्ट आसानी से चेक कर सकेंगे।
BSEB Bihar Board 12th Result 2026 Sarkari Result: बिहार बोर्ड कक्षा 12वीं वार्षिक परीक्षा 2026 का आयोजन संपन्न हो चुका है। परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों को अब रिजल्ट का इंतजार है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) की ओर से बिहार बोर्ड कक्षा 12वीं परीक्षा का 2 फरवरी से 13 फरवरी 2025 तक का आयोजन किया…

BSEB Bihar Board Result 2026: बिहार बोर्ड कक्षा 12वीं और कक्षा 10वीं वार्षिक परीक्षा 2026 का आयोजन संपन्न हो चुका है। परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों को अब रिजल्ट का इंतजार है।
Bihar Board Result 2026: बिहार बोर्ड कक्षा 12वीं और कक्षा 10वीं वार्षिक परीक्षा 2026 का आयोजन संपन्न हो चुका है। परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों को अब रिजल्ट का इंतजार है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) की ओर से बिहार बोर्ड कक्षा 12वीं परीक्षा का 2 फरवरी से 13 फरवरी 2026 तक का आयोजन किया गया…

ज्योतिष शास्त्र में ग्रहण दोष को एक अत्यंत प्रभावशाली और संवेदनशील दोष माना गया है। यह दोष तब बनता है जब सौरमंडल के दो सबसे प्रकाशवान पिंड,सूर्य (आत्मा का कारक) और चंद्रमा (मन का कारक), छाया ग्रह राहु या केतु के संपर्क में आते हैं। जिस प्रकार खगोलीय ग्रहण के समय अंधकार छा जाता है,…

ज्योतिष शास्त्र में शनि की ढैय्या साढ़ेसाती के बाद शनि का दूसरा सबसे प्रभावशाली गोचर माना जाता है। जहाँ साढ़ेसाती साढ़े सात साल तक चलती है, वहीं ढैय्या की अवधि ढाई वर्ष ($2.5$ साल) की होती है। ‘ढैय्या’ शब्द का अर्थ ही ‘ढाई’ है। यह समय व्यक्ति के जीवन में अचानक आने वाले उतार-चढ़ाव और…

वैदिक ज्योतिष में राहु को एक ‘छाया ग्रह’ (Shadow Planet) माना गया है, जिसका अपना कोई भौतिक पिंड नहीं है, परंतु इसकी सूक्ष्म ऊर्जा मानव मस्तिष्क और भाग्य पर बिजली की तरह प्रहार करती है। राहु को ‘मायावी’ ग्रह कहा जाता है क्योंकि यह वह दिखाता है जो वास्तव में होता नहीं है। यह अतृप्त…

वैदिक ज्योतिष में गुरु ग्रह (बृहस्पति) को ‘आकाश तत्व’ का स्वामी और सभी ग्रहों में सबसे अधिक शुभ फल देने वाला ग्रह माना गया है। इन्हें ‘देवगुरु’ की उपाधि दी गई है क्योंकि ये देवताओं के शिक्षक और मार्गदर्शक हैं। गुरु ग्रह हमारे जीवन में विस्तार (Expansion), विकास और सौभाग्य के कारक हैं। जिस व्यक्ति…

वृश्चिक राशि (Scorpio) ज्योतिष की आठवीं राशि है और इसे सबसे रहस्यमय, तीव्र और गहन व्यक्तित्व की राशि माना जाता है। 23 अक्टूबर से 21 नवंबर के बीच जन्मे लोग इस राशि के अंतर्गत आते हैं। इसका प्रतीक वृश्चिक (Scorpion) है, जो शक्ति, गहनता और रहस्य का प्रतीक है। वृश्चिक राशि के लोग भावनाओं में…

तुला राशि (Libra) ज्योतिष की सातवीं राशि है और इसे सबसे संतुलित, न्यायप्रिय और सौम्य व्यक्तियों की राशि माना जाता है। 23 सितंबर से 22 अक्टूबर के बीच जन्मे लोग इस राशि के अंतर्गत आते हैं। तुला राशि का प्रतीक तुला (Scales) है, जो न्याय, संतुलन और सामंजस्य का प्रतीक है। तुला राशि वाले लोग…

ज्योतिष विज्ञान में मिथुन राशि को बुद्धिमान, जिज्ञासु और संवादप्रिय राशियों में से एक माना जाता है। यह राशि वायु तत्व (Air Sign) से संबंधित है, जो विचार, ज्ञान और संचार का प्रतीक है। मिथुन राशि का प्रतीक जुड़वाँ (Twins) है, जो दोहरी प्रकृति और बहुमुखी व्यक्तित्व को दर्शाता है। मिथुन जातक जन्मजात विचारक होते…